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Gold–Silver Price Hike: सोना–चांदी की रफ्तार तेज, निवेशकों की नजरें फिर बाजार पर टिकीं

Gold–Silver Price Hike: सोना–चांदी की रफ्तार तेज, निवेशकों की नजरें फिर बाजार पर टिकीं

सोना–चांदी के बाजार में इस हफ्ते नई हलचल देखने को मिली है। दोनों धातुओं ने लगातार तेज़ी दिखाई, लेकिन चांदी की रफ्तार कुछ ज़्यादा ही मजबूत रही। कुछ दिनों के भीतर ही चांदी के दाम प्रति किलोग्राम करीब 7,000 रुपये बढ़ गए, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ी है। दूसरी तरफ, सोना भी अपनी स्थिर मजबूती बनाए हुए है और आज इसका भाव 10 ग्राम पर ₹1,15,530 तक पहुंच गया। घरेलू मांग, वैश्विक बाजार का दबाव और डॉलर की कमजोरी जैसे कारक इस बढ़त के पीछे अहम भूमिका निभा रहे हैं।

चांदी की रफ्तार क्यों नहीं थम रही?

पिछले चार सत्रों में चांदी ने एकतरफा तेजी दिखाई है। यह सिर्फ ट्रेडिंग सेंटीमेंट नहीं, बल्कि वास्तविक औद्योगिक जरूरतें भी इस उछाल को सपोर्ट कर रही हैं।

1. इंडस्ट्रियल डिमांड सबसे बड़ी वजह

चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही।
आज इसका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में तेज़ी से बढ़ रहा है:

  • सोलर पैनल
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • हाई-टेक कंपोनेंट्स
  • मेडिकल उपकरण

2025 के लिए अनुमान है कि ग्लोबल सिल्वर डिमांड सप्लाई से लगभग 678 मिलियन औंस आगे रहने वाली है। यानी उत्पादन पीछे और उपभोग आगे—इस असंतुलन से कीमतों में स्वाभाविक उछाल आता है।

2. डॉलर की कमजोरी और फेड रेट कट की उम्मीद

कमज़ोर डॉलर हमेशा प्रेशियस मेटल्स को सपोर्ट करता है।
साथ ही, यूएस फेड द्वारा 2025 में संभावित रेट कट की चर्चा पहले से ही ट्रेडर्स की सोच बदल रही है।
नतीजा—हॉट मनी चांदी में आने लगी है।

3. हेज फंड्स की बढ़ती दिलचस्पी

ग्लोबल फंड्स चांदी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
इसे सुरक्षित और हाई-रिटर्न विकल्प मानकर निवेश बढ़ रहा है।

4. भारत में त्योहारों के बाद की स्थिर मांग

दिवाली के बाद भी ज्वेलरी की खरीद रुक नहीं रही।
वेडिंग सीजन नजदीक है, जिससे खपत बढ़ रही है।

सोना भी मजबूत – सुरक्षित निवेश की ओर वापसी

सोना पिछले हफ्ते की तुलना में 1–2% ऊपर है और स्थिर बढ़त बनाए हुए है।

1. ग्लोबल तनाव और बैंकिंग चिंता

अमेरिका में बैंकिंग स्ट्रेस और जियोपॉलिटिकल टेंशन ने निवेशकों को फिर से गोल्ड की तरफ धकेला है। जब हालात अनिश्चित हों, सोना हमेशा सुरक्षित माना जाता है।

2. चीन की बड़ी खरीदारी

चीन लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है।
इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड बढ़ जाती है।

3. घरेलू फैक्टर—RBI का गोल्ड रिजर्व बढ़ाना

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है।
केंद्रीय बैंक जब खरीदारी बढ़ाते हैं तो कीमतें अक्सर सपोर्ट पाती हैं।

4. वेडिंग सीजन का बूस्ट

भारत में नवंबर–दिसंबर के वेडिंग सीजन में सोने की खपत काफी बढ़ती है।
इस बार भी वही ट्रेंड दिख रहा है।

कीमतों का विस्तृत चार्ट (Gold–Silver Price Chart)

चांदी के दाम (9–13 नवंबर 2025)

तारीखचांदी का भाव (₹/ग्राम)बदलाव (₹)अनुमानित बढ़ोतरी (₹/किलो)
09 नवंबर152.5
10 नवंबर155+2.5+2500
11 नवंबर160+5+5000
12 नवंबर162+2+2000
13 नवंबर172+10+10,000
कुल बढ़तलगभग ₹7,000–7,500 प्रति किलोग्राम
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सोने के दाम (13 नवंबर 2025)

प्रकारप्रति ग्राम कीमत (₹)प्रति 10 ग्राम कीमत (₹)परिवर्तन (पिछले हफ्ते से)
24 कैरेट12,5501,23,910+1–2%
22 कैरेट1,13,500+1–2%
मार्केट इंडेक्स1,15,530 (औसत)बढ़त जारी

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