आयोजन समिति के मुन्न्ा भैया, राहुल ने शाल श्रीफल से कविवरों का अभिनंदन किया। मां शारदे की सुरमय वंदना भोपाल की डॉ.लता स्वरांजलि ने की। कवि सम्मेलन में हरदा से पधारे ओज रस के युवा कवि ने पुरूषोत्तम गौर ने भगवान श्रीराम की महिमा का बखान अपनी काव्य रचना इसी धरा पर जन्म लिया था कौशल्या के राम ने.. से किया तो आगरा के युवा गीतकार कुंवर प्रांजल प्रताप सिंह ने प्यार का पुष्प खिल जाए तो क्या करें, कोई रास्ते में मिल जाए तो क्या करें ..रचना पाठ किया। जिले के वीर रस के वरिष्ठ कवि अशोक त्रिपाठी ने हम कलमकार हैं यारों हमारा भी जमीर है, नेताओं जैंसे हम अपने चोले नहीं बदलते हैं… काव्यपाठ कर खूब तालियां बटोरी। युवा शायर अंशुल नादान ने अपनी शायरी तुम हमारे हो नहीं बतलाओ फिर, हम तुम्हारा नाम लेकर क्या करेंगे.. सुनाकर माहौल में रंग जमाया। हास्य बवंडर सुनील तन्हा ने कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया आपने तेरे दर पे आ गया हूँ कुछ हम पे करम कर दे, मेरा सूना अंतर्मन है भक्ति से इसे भर दे ..रचना पाठ किया। भोपाल की डॉ.लता स्वरांजलि ने तहरीर जिंदगी की हो फनकार की तरह, पढ;कर न फेंक दे कोई अखबार की तरह.. गजल गुनगुनाई। देश के ओज रस के वरिष्ठ कवि, पूर्व सांसद, प्रो. ओमपाल निडर ने अपनी कविताओं से श्रोताओं में राम रस भक्ति का ऐसा प्रभाव डाला कि जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। प्रो. निडर ने सौगंध राम की खाते हैं, हम मंदिर वहीं बनाएंगे..सहित अन्य कविताओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन का कुशल मंच संचालन नगर के युवा रचनाकार अमित जैन संजय ने किया। इस मौके पर बड;ी संख्या में श्रोताओं, श्रृद्धालुओं एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही। आभार प्रदर्शन साध्वी श्यामा दीदी ने किया।